मैं आजकल फिर से बहुत आलसी हो गई हूँ। मैं धीरे धीरे कोशिश करूँगी। यह मेरे हिंदी के उच्चारण का अभ्यास है। कृपया यह सही है या गर्त है ,जाँच कीजिए। जो भी हो, मैं ब्योमकेश से अपनी पहली भेंट की कहानी को ही आगे बढ़ाता हूँ। कलकत्ता को भरपूर जानने वाले भी शायद यह नहीं जानते होंगे कि कलकत्ता के केंद्रस्थल में एक ऐसा भी इलाका है, जिसके एक ओर अबंगालियों की अभावग्रस्त बस्ती है, दूसरी ओर एक और गंदी बस्ती और तीसरी ओर पीत वर्ग के चीनियों की कोठरियाँ हैं। इस त्रिकोण के बीचोबीच त्रिभुजाकार जमीन का टुकड़ा है, जो दिन में तो और स्थानों की तरह सामान्य दिखाई देता है, किंतु शाम होने के बाद उसकी पूरी कायापलट हो जाती है। いずれにせよ、私はビョムケーシュと私が初めて会った時の話を進めよう。 カッカッタを十分に知っている者でもきっとこれは知らないだろう。カルカッタの中心地には一つこのような地域がある。一つの方面にはベンガル人ではない人々の困窮した居住地がある。二つ目の方面には汚れた居住地があり、3つ目の方面には黄色人種の中国人たちの小さな部屋がある。この三角形に囲まれた真ん中に(さらに)三角の形をした土地がある。そこは、日中は他の場所と同じく普通に見える。しかし、夕方以降、大きく変わる。